राज्यपाल द्वारा विधेयकों पर स्वीकृति रोकने की शक्ति पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय—भाग-2
राष्ट्रपति के लिए न्यायालय की समय-सीमा: अप्रैल 2025 के अपने निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने माना कि राष्ट्रपति द्वारा किसी विधेयक पर “विचार” करने के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित करना कठिन हो सकता है, लेकिन साथ ही इस तथ्य पर भी बल दिया कि निष्क्रियता को उचित नहीं ठहराया जा सकता। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2016 में स्वयं केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए आरक्षित राज्य विधेयकों से संबंधित प्रश्नों के शीघ्र निपटान के संबंध में ज्ञापन जारी किए थे। (इन मंत्रालयों/विभागों को अपने क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने थे।) केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 201 के तहत निर्देशों के निपटान की समय-सीमा और प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश निर्धारित किए।

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