दंडनीति, प्राचीन भारत का एक राजनीतिक सिद्धांत है। इसका उल्लेख कौटिल्य के अर्थशास्त्र में किया गया है। यह राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने हेतु दंड के प्रयोग को संदर्भित करता है। इसे एक निष्पक्ष/न्यासंगत तथा सुदृढ़ राज्य के सात अंगों (सप्तांग) में से एक माना जाता है। कौटिल्य ने राजनीतिक मुद्दों को शांतिपूर्वक सुलझाने मार्गों/तरीकों के रूप में चार समाधानों—साम, दाम, दंड और भेद—का उल्लेख किया है, ताकि संघर्षों, युद्धों और अशांति से बचा जा सके

Spectrum Books Pvt. Ltd.
Janak Puri,
New Delhi-110058
Ph. : 91-11-25623501
Mob : 9958327924
Email : info@spectrumbooks.in


