books
ComputerAwareness-26.webp
previous arrow
next arrow
Shadow

पुनर्जागरण काल ने इतिहास लेखन में एक महत्वपूर्ण वैचारिक परिवर्तन प्रस्तुत किया, जिसमें अतीत की व्याख्या मानवतावादी तथा अपेक्षाकृत धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण से की जाने लगी। मध्यकालीन इतिहास लेखन मुख्यतः धार्मिक मान्यताओं से प्रभावित था, जहां ऐतिहासिक घटनाओं को ईश्वर की दैवी योजना के अंतर्गत समझा जाता था। इसके विपरीत, पुनर्जागरण काल में इतिहासकारों ने मानव के कार्यों, उद्देश्यों और संस्थाओं को इतिहास को आकार देने वाली प्रमुख कारकों के रूप में महत्व देना आरंभ किया।

इस वैचारिक परिवर्तन में मानवतावाद ने केंद्रीय भूमिका निभाई। पुनर्जागरण काल के विद्वानों ने दैवी हस्तक्षेप को प्रदर्शित करने के बजाय इतिहास का अध्ययन व्यावहारिक, नैतिक और राजनीतिक शिक्षाएं ग्रहण करने के उद्देश्य से किया। प्रारंभिक मानवतावादी इतिहासकारों में से एक फ्रांसेस्को पेट्रार्क ने मध्यकालीन इतिहास को पतन का युग बताते हुए उसकी आलोचना की और प्रेरणा के लिए प्राचीनकाल से संबंधित रोम को याद किया। उनके लेखन का उद्देश्य नैतिक एवं राजनीतिक शिक्षा देना था और उसने जाली दस्तावेज़ों का खुलासा कर स्रोत-समीक्षा के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मैकियावेली और गुइकियार्डिनी जैसे विचारकों ने इतिहास का उपयोग शासन व्यवस्था और शासन कला के लिए एक नियामक के रूप में किया, जिसमें बार-बार होने वाले राजनीतिक प्रतिमानों तथा व्यक्तियों के चरित्र की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा, पुनर्जागरणकालीन इतिहासकारों ने इतिहास के विषयक्षेत्र का विस्तार करते हुए गैर-यूरोपीय संस्कृतियों और कला, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी जैसे नए आयामों को भी अध्ययन के दायरे में सम्मिलित किया। इस प्रकार, पुनर्जागरण काल ने आधुनिक, आलोचनात्मक तथा मानव-केंद्रित इतिहास लेखन की आधारशिला रखी।

 

spectrum-books-logo

  

Spectrum Books Pvt. Ltd.
Janak Puri,
New Delhi-110058

  

Ph. : 91-11-25623501
Mob : 9958327924
Email : info@spectrumbooks.in